कैसे किरण बाला बनीं मशहूर तबस्सुम, रामायण फेम अरुण गोविल से था खास रिश्ता…

  1. तबस्सुम ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी. उन्हें बेबी तबस्सुम के नाम से जाना जाता था. उनका जन्म 1944 में हुआ था. उनके पिता का नाम आयोध्यानाथ सचदेव था. उनकी मां का नाम असगरी बेगम था. उन्होंने भारतीय टेलीविजन के पहले टॉक शो ‘फूल खिले हैं गुलशन गुलशन’ को होस्ट किया था.
हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का मशहूर नाम रहीं तबस्सुम अब इस दुनिया में नहीं हैं. शुक्रवार 18 नवंबर की शाम तबस्सुम का कार्डियक अरेस्ट के चलते निधन हो गया. वो 78 साल की थीं. आजतक.इन से बात करते हुए एक्ट्रेस के बेटे होशांग ने बताया कि शुक्रवार रात 8:40 पर कार्डियक अरेस्ट की वजह से वो गुजर गईं. मुंबई में 21 नवंबर को उनकी प्रार्थना सभा रखी गई है.

तबस्सुम ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी. उन्हें बेबी तबस्सुम के नाम से जाना जाता था. उनका जन्म 1944 में हुआ था. उनके पिता का नाम आयोध्यानाथ सचदेव था, जो एक स्वतंत्रता सैनानी थे. उनकी मां का नाम असगरी बेगम था. वो भी स्वतंत्रता सैनानी थीं. साथ ही एक पत्रकार और लेखिका भी थीं. तबस्सुम के पिता ने उनकी मां के धर्म को ध्यान में रखते हुए उन्हें तबस्सुम नाम दिया था. वहीं उनकी मां ने उनके पिता के धर्म को ध्यान में रखते हुए उनका नाम किरण बाला रखा था.

1947 में फिल्म ‘नरगिस’ से बेबी तबस्सुम ने अपने करियर की शुरुआत की थी. इस बाद उन्हें मेरा सुहाग, मंझधार, बड़ी बहन, सरगम, छोटी भाभी और दीदार संग ढेरों फिल्मों में देखा गया. फिल्म ‘बैजु बावरा’ में उन्होंने मीना कुमारी के बचपन का रोल निभाया था. फिल्मों से कुछ सालों का ब्रेक लेने के बाद तबस्सुम ने वापसी की थी. अब वह बड़ी हो चुकी थीं. 1960 में उन्हें फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ में देखा गया.

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